हाथ से लिखने से दिमाग ज्यादा एक्टिव

हाथ से लिखने से दिमाग ज्यादा एक्टि:-

हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में तकनीक के बढ़ते दखल ने हमारी कई नैसर्गिक क्षमताओं को कम किया है। जैसे जोड़-घटाव के छोटे से हिसाब के लिए हम कैलकुलेटर पर निर्भर हो गए, पहले हमें पचासों फोन नंबर कंठस्थ थे, पर अब मोबाइल की फोन डायरैक्टरी पर निर्भर हो गए। अब तो हम परिचित लोगों के नाम तक ठीक से याद नहीं रख पाते। और जानना चाहा कि क्लासरूम में पढ़ने के दौरान अपने नोट्स हाथ से लिखने वाले और की पैड पर टाइप करने वाले और विधार्थियों के परफॉरमेंस में क्या कोई अंतर है ? वैज्ञानिकों ने पाया कि जो स्टूडेंट अपने हाथ से कॉफी में नोट्स लिखते हैं उनकी विषय पर पकड़ और याददाश्त टाइप करने वाले विधार्थियों की तुलना में काफी अच्छी भी और उन्हें अपना विषय देर तक याद भी रहता है।


 

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