यादों का एलबम

बुजुर्गो 

को कतई न 

समझें कोई बोझ,

वे 

तो होते 

हैं हमारे लिए 

शीतल छांव का स्रोत। 

बुजुर्गो 

की झिलमिलाती 

झुर्रियों के जाल को 

कभी 

न समझें 

कोई ऐसी वैसी सूरत,

वे 

तो होते हैं 

हमारे लिए अनुभव 

की 

लकीरों वाली 

जीती - जागती मूरत। 

बुजुर्गो 

को कभी न मानें 

कोई यादों में डोलता पेंडुलम 

वे 

तो होते हैं 

हमारे लिए हंसते 

मुस्कराते हुए यादों का एलबम। 

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